मैं गया एक दिन बादलों के पीछे,
जहाँ मुझे मेरी मरी प्रेमिका मिली,
मैंने पूछा गयी थी क्या करने कार के नीचे,
जो तुझे बेदर्दी से किसी ने कुचली..
वो रूठ कर भागने लगी, मैंने कलाई पकड़ा,
तब उसने सच्चाई बताई थोडा थोडा..
उसने कहा, एक दिन मैं कही थी
तुझे बुलाने पर पर "आई देवेश",
यमराज घूम रहा था बदलकर भेष,
उसने आज इंग्लिश समझा,
"आई देवेश" का मतलब "मैं देवेश" समझा..
उसने तेरी मौत के बदले मेरी जान ले बैठा,
अपनी गलती पर वो पछताया,
मेरी जान लौटा, तेरी जान लेने की बात बताया..
मैंने झूठ बोला मैं देवेश ही हूँ,
कम से कम तेरे मौत को तो मैं जी रही हूँ..
हाँ ये बात किसीको मत बताना,
क्यूँकि तेरे आँखों में रहता है मेरा आना जाना.
देवेश झा
Youthon

Monday, November 29, 2010
Gangajal jaisi...
लबों की शादी...
मेरे आँखों में अपने आँसू गिरा दे,
बारिश की बूंदे जैसे गंगाजल छूती.
थकी पलकें मेरे पलकों पे लिटा दे,
उजली चाँद जैसे नीली आसमां में सोती..
ज़रा ज़रा मुस्कुरा की गगन हाथों में आ जाए,
बाँध मुट्ठी फिर सितारों से तेरी मांग भरा जाए..
घर का ठिकाना मैं ओस से पूछ तो लूं,
उसने कहा तूने नहीं आज गुल चूमा है..
ठहरा ले उसे होठों पर, के मुझे उससे डर है,
बन जाए ना ओस आँसू जो गिरता इधर उधर है..
काश के मैं तेरा होठ बन जाऊं,
फिर फूलों से ओस चुन लाऊं,
कभी तो तुम अपने लब को लबों से मिलाओगी,
अपने ऊपर के लब को पिया बना,
खुद भी नीचे की लब बन जाओगी..
दबी साँसों की बारात होगी,
एक लब दूल्हा मैं एक लब दुल्हन तू,
दो लबों के लिए तो हर शब्द मिलन की रात होगी..
अब दो लबों में बिना कुछ कहे भी बहुत बात होगी..
देवेश झा
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